हिमाचल: MLA के बेटे की दादागिरी, कारोबारी को धमकाया और मांगा हफ्ता, Audio वायरल

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MLA son dadagiri in himachal

एक तरफ जहां हिमाचल सरकार (Himachal Pradesh) प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर मीट (Investor Meet) करवा रही है. वहीं, दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक राजधानी बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ (बीबीएन) के उद्योगपति गुंडों से परेशान हैं. ताजा मामला वसूली से जुड़ा है और एक विधायक के बेटे पर दादागिरी दिखाते हुए हफ्ता वसूली (Extortion) के आरोप लगे हैं. इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ है.

ऑडियो वायरल होने के बाद दून से कांग्रेस (Congress) के पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी ने एसपी बद्दी (SP Baddi) और डीजीपी (DGP) को शिकायत देने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि वह सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में किसी भी तरह का माहौल खराब ना हो सके.

दावा-विधायक के बेटे का है ऑडियो
दावा है कि ऑडियो क्लिप दून से विधायक के पुत्र की है, जो कि एक कारोबारी को ऑडियो क्लिप में धमकाते हुए नजर आ रहे हैं. ऑडियो क्लिप के अनुसार, शुरुआत में विधायक का बेटा नवीन नाम के युवक से बात करने की जिद करता है. जिस कारोबारी ने फोन उठाया वह कहता है कि ‘मैं अमन बोल रहा हूं और नवीन उसके पास काम करता है, जो बात करनी है उससे करें.’

‘मेरे खिलाफ जो करना है कर लो’
उसके बाद विधायक का बेटा कहता है कि आपने एफआईआर करवाने की कोशिश की तो मैं तुम्हें बताऊंगा. जब कारोबारी ने हफ्ता वसूली के विरोध में एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही तो विधायक का बेटा दबंगई पर उतर आया और उसे कहने लगा कि वह अब पैसा मांग रहा है. मेरे खिलाफ तुम जो कर सकते हो कर लो, लेकिन अब मैं तुम्हें बताऊंगा.

यह भी बोले ‘विधायक के बेटे’
विधायक का बेटा यहीं नहीं रुका, उसने यहां तक कह डाला कि तुम लोग लाखों रुपया कमा रहे हैं और एफआईआर के नाम पर हमारे वोट खराब कर रहे हो. विधायक के बेटे ने कहा कि जो लोग तुम्हें फोन कर रहे थे, वह हमारे समर्थक और चुनाव में हमारा साथ देते हैं और तुम लोग हमारे वोट खराब करने में लगे हुए हो.

कई ऑडियो हुए वायरल
इसके अलावा भी आधा दर्जन के करीब ऑडियो क्लिप पीड़ितों ने सोशल मीडिया पर वायरल की हैं. इनमें विधायक के बेटे और अलग-अलग युवकों द्वारा फोन करवाया जा रहा है और उसे अपने दफ्तर में बुलाया जा रहा है कि दफ्तर आओ और बैठ कर बात करते हैं. पीड़ितों के मुताबिक, पैसों की भी डिमांड की जा रही है.