साहब! जब कोरोना केस कम तो बॉर्डर बंद थे, अब केस 10 हजार पार हुए तो खोल दिए

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When the corona case was less then the borders were closed

हिमाचल प्रदेश में जब कोरोना (Corona Virus) के मामले नाममात्र तो सरकार ने सख्ती दिखाई. यहां तक कि प्रदेश के नागरिकों को भी एंट्री के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी. अब प्रदेश में कोरोना के मामले 10 हजार पार हो गए तो सरकार ने सबके के लिए बॉर्डर (Border) खोलने का फैसला लिया है. अब सोशल मीडिया पर कहीं ना कहीं इस बात का विरोध हो रहा है कि सरकार मामले बढ़ने के साथ ढिलाई बरत रही है.

क्यों लेना पड़ा नरमी का फैसला

हिमाचल में पिछले छह महीने से टूरिस्ट एक्टिविटी ना के बराबर चल रही है.इस सेक्टर से जुड़े लोगों को रोजी रोटी का संकट है. ऐसे में टूरिज्म से जुड़े लोगों का सरकार पर दवाब था. मनाली, शिमला और दूसरे टूरिस्ट स्पॉट्स पर टैक्सी ऑपरेटर बेरोजगार हो गए हैं. होटल संचालक भी परेशान हैं. वहीं, सरकार पर केंद्र सरकार का भी दवाब है. क्योंकि दूसरे राज्यों में इस तरह की बंदिशें नहीं हैं. वहां सबके लिए लोगों की आवाजाही पहले ही खोल दी गई है. सीएम जयराम ठाकुर ने बॉर्डर खोलने को लेकर बयान दिया है कि गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक सीमा को खोला गया है. बहुत से लोगों शिकायत थी कि आने जाने में असुविधा हो रही है. साथ ही सीएम ने कहा कि अभी दूसरे राज्यों के लिए बसों के परिचालन में रोक रहेगी.

कांग्रेस ने उठाए सवाल

हिमाचल के बॉर्डर खोलने को लेकर नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का बयान आया है. उन्होंने कहा कि अब जयराम के भरोसे नहीं, लोग राम भरोसे हैं. अब वैसे भी कोरोना केजुअल हो गया है. सरकार के स्तर पर कोई मदद नहीं हुई है और क्या होगा, इसका आने वाले समय में ही पता चलेगा. अब तय हो गया है कि सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं. जनता अपना ख्याल खुद रखे और इसलिए हम भी कहते हैं, जनता सरकार पर डिपेंड न रहे.

हिमाचल में अब तक कितने मामले

हिमाचल प्रदेश में कोरोना के कुल मामले 10335 पहुंच गए हैं. 88 लोगों की कोरोना से मौत हुई है. अहम बात है कि कुल्लू, शिमला और कांगड़ा में बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं. इन तीनों जिलों में 2500 के ज्यादा कोरोना मामले हैं.

पहले थी बंदिशें

हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट की एंट्री के लिए पहले बंदिशें थी. कोविड टेस्ट और एंडवास बुकिंग के साथ टूरिस्ट प्रदेश में दाखिल हो सकते थे. साथ ही रजिस्ट्रेशन भी करवाना होता था. लेकिन अब ये नियम खत्म कर दिए गए हैं.

कितना सही है फैसला?

हिमाचल प्रदेश में बॉर्डर खोलने का फैसला कितना सही है कितना गलत? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन एक बात तो तय है कि रोजी रोटी से जूझ रहे सेक्टर के लिए कहीं ना कहीं यह सही फैसला है. क्योंकि इन लोगों के पास दूसरा कोई रोजगार नहीं है. हिमाचल की आर्थिकी में अहम योगदान देने वाले टूरिज्म सेक्टर के लिए आज तक कोई सरकार प़ॉलिसी नहीं बना पाई. इस वजह से संकटकाल में सरकार के पास कोई योजना नहीं होती है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है.

https://youtu.be/IbWSM97cKiY