हिमाचल सरकार ने खोले बॉर्डर, अब एंट्री के लिए E-Pass जरूरी नहीं

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Himachal government opened border

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) ने लोगों की आवाजाही के लिए अपने बॉर्डर (‌Border) खोल दिए हैं. अब बिना ई-पास के भी लोग सूबे में एंट्री कर सकते हैं. सरकार ने शनिवार से पर्यटकों समेत हर किसी के लिए प्रदेश की सीमाएं खोल दी हैं. हालांकि, एंट्री के लिए कोविड ई-पास सॉफ्टवेयर में 48 घंटे पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

अब डीसी से पास लेने के लिए मंजूरी नहीं लेनी होगा. वहीं, सैलानियों (Tourist) को सूबे में सशर्त एंट्री मिलेगी. होटल में पांच दिन की बुकिंग और कोरोना की 72 घंटे पहले की निगेटिव रिपोर्ट वाले सैलानी आ सकेंगे. बॉर्डर पर प्रदेश में प्रवेश करने से पहले रजिस्ट्रेशन फार्म पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा.

केंद्र के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी की है. बाहर से आने वाला हिमाचली या यहां काम करने वाले अगर रेड जोन से आता है तो उसे संस्थागत और ग्रीन या ऑरेंज जोन से आता है तो 14 दिन होम क्वारंटीन रहना पड़ेगा.

होटलों के लिए निर्देश

पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए भी राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने गाइडलाइन जारी कर दी है. होटलों की एडवांस बुकिंग करवाने वाले सैलानी क्वारंटीन नहीं होंगे. सरकार का मानना है कि इसस्रे प्रदेश में ठप पर्यटन गतिविधियों को पटरी पर लौटने में मदद मिलेगी. हालांकि, इससे कोरोना के मामले बढ़ने का खतरा भी है. सरकार ने केंद्र से इसका विरोध भी जताया था. बता दें कि प्रदेश के होटल और ढाबों में 60 फीसदी आक्यूपेंसी आने वाले दिनों में जारी रहेगी.

सरकार ने केंद्र को लिखा था पत्र

हिमाचल के मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव को लिखा था कि हिमाचल में बाहरी लोगों के आने पर बंदिशें लगाने की शक्ति राज्य सरकार को दी जाए, पर केंद्र ने इससे इंकार कर दिया. अब दूसरे राज्यों से एंट्री के बाद सूबे में संक्रमण का खतरा बढ़ेगा और इससे चिंतित है. हिमाचल में अब तक कोरोना वायरस के 1033 केस रिपोर्ट हुए हैं. इनमें 333 एक्टिव केस और 671 मरीज ठीक हुए हैं.