बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज, पिता को दी मुखाग्नि

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Daughter fulfills son duty father gives fire

बता दे की रूढि़वादी परंपराओं को दरकिनार करते हुए एक बेटी ने स्वयं को बहुमूल्य सिद्ध किया है। वर्षों से स्थापित रूढिय़ों से हटकर इस बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह इस बात से सिद्ध होता है कि उपमंडल के टिकरी डूहकी गांव में पिता के गुजरने पर उसकी बेटी ने क्रिया कर्म की सभी रस्में निभाते हुए दाह संस्कार किया।

मिली जानकारी के अनुसार 90 वर्षीय रंगील चंद कटोच की मृत्यु हो गई जिसका कोई बेटा नहीं था। उसकी केवल 4 बेटियां ही थीं। पिता के साथ रहने वाली सबसे बड़ी बेटी से छोटी कंचना देवी ने उनकी मृत्यु के पश्चात क्रिया कर्म की हर रस्म को निभाते हुए श्मशानघाट में जाकर अपने पिता शव को मुखाग्नि भेंट की। वहीं अन्य बहनों ने भी इसमें उसकी मदद की।